भारतीय स्वतन्त्रता प्राप्ति के 12 वर्ष बाद सन् 1959 ई. में सिकन्द्राबाद में उच्च शिक्षा के अभाव को दूर करने के लिए कृतसंकल्प स्व. श्री राजेन्द्र स्वरूप भटनागर व स्व. श्री वीरेन्द्र स्वरूप भटनागर ने सभी जाति व वर्गों के तथा विशिष्ट स्थानीय नागरिकों के सद्भावनापूर्ण सहयोग से अपने पिता रायबहादुर जतन स्वरूप जी की स्मृति को स्थायित्व प्रदान करने के लिए ‘जतन स्वरूप डिग्री कॉलेज’ की स्थापना की, जो प्रगति पथ पर अग्रसर होता हुआ 65 वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस सरस्वती मन्दिर में दूर-दूर से छात्र-छात्राएँ विद्योपार्जन के लिए आते रहे हैं किन्तु विशेष रूप से इस संस्थान ने सिकन्द्राबाद और उसके निकटवर्ती ग्रामीण अंचलों के सहस्त्रों तरूण दीपों को ज्ञान की ज्योति से आलोकित किया है तथा अनेक प्रतिभा- अंकुरों को विद्या- वारि से सींचा है। अपने निकटवर्ती अंचल के ज्ञान-पिपासुओं के लिए यह संस्था विशिष्टताओं के कारण आकर्षण का केन्द्र रही है
Courses
Happy Students
Years Experience
Courses Conducted by CCS University, Meerut
Designed & Developed by Digi Box Solution
Copyright © 2024 All rights reserved.